sufi tadka
बुधवार, 12 जून 2013
maa ki mehar
मां की मेहरबानी जो रोशन जहान देखा,
वरना गुमनाम"अन्धेरे में भटक रहे होते।"राजेन्द्र गुमनाम"
सुप्रभात जी .................जय जय मां
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