अब का सावन सदा याद रहे,कुछ ऐसा कर लेते हैं,
अपनी मोहब्बत की यादों में,इक पेड़ लगा देते हैं।
कुछ ऐसा कर लेते .......................................
प्यार की इस निशानी को फिर बच्चे सा पाले गे,
हमको ये सम्भालेगा,जो अब हम इसे सम्भाले गे।
गुमनाम" तुम ये सच जानो पेड़ आज्ञाकारी बेटे हैं।
कुछ ऐसा कर लेते ........................राजेन्द्र "गुमनाम"
अपनी मोहब्बत की यादों में,इक पेड़ लगा देते हैं।
कुछ ऐसा कर लेते .......................................
प्यार की इस निशानी को फिर बच्चे सा पाले गे,
हमको ये सम्भालेगा,जो अब हम इसे सम्भाले गे।
गुमनाम" तुम ये सच जानो पेड़ आज्ञाकारी बेटे हैं।
कुछ ऐसा कर लेते ........................राजेन्द्र "गुमनाम"
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