शुक्रवार, 28 जून 2013

tere khyalon me

दोस्तों पेश है इक सूफी ख्याल,

तेरे ख्यालों में खोये रहते,
अपने बारे में सोचते नही,
तेरी याद में दिल भरे आहें,
अब हम इसको रोकते नही।
रोकते नही ....................
तेरे हुस्न के चर्चे करते न थकते,
दिल को सकून चैन मिले,
चेहरे से चिलमन हटाता नही तू,
गुमनाम"को ये शिकवे गिले,
वफादार हम तेरे कुत्ते जैसे,
मालिक पे हम कभी भौंकते नही।
रोकते नही ...................राजेन्द्र "गुमनाम"



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें