शुक्रवार, 21 जून 2013

ik tera hi tha

दोस्तों पवित्र स्थल केदार नाथ में हुए हादसे में
मारे गये भक्तजनों को श्रदाजली आर्पित करते हुए
दुखी मन से भोले को उन बदनसीबों की शिकायत
 दर्ज करवाने के साथ एवं अर्ज कर रहा हूं

ओ भोले तेरा ही तो था सहारा हमको,
फिर क्यों घर में बुला के मारा हमको।
खौफनाक मंजर क्यों दिखाया हैं हमें,
जबकि देखना था मस्त नजारा हमको।
भोला बाबा कैसे बन गया है कातिल,
तानें दे रहा है अब जग सारा हमको।
 क्या खूब हुआ देखो रूतबा ये हासिल,
मुँह बना के कहता जग बेचारा हमको।
तू अर्ज सुन लाख चौरासी से बचाना,
देना इन्सान का जन्म दोबारा हमको।
हमारा रूदन क्यों अनसुना कर दिया,
अफ़सोस यही तो गम भारा हमको।
तूने जो किया वो अच्छा ही किया है,
बेशक तेरा हर अन्दाज प्यारा हमको।
"गुमनाम"जैसो की यही हैं तमन्ना,
इक बार करना दीदार तुम्हारा हमको।राजेन्द्र "गुमनाम"





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