शनिवार, 15 जून 2013

ab asulo ka

अब असूलों का मौसम नही रहा,
बेहतर होगा इन्हें खूंटी पे टांग दो।"गुमनाम"

हंसना जरुरी अब तो हंसना जरुरी है,
हंसी ख़ुशी बिना देखो जिंदगी अधूरी है,

हंसना जरुरी .......
जिंदगी की बहुत उंची चढ़ी पतंग है,
फिर भी इन्सान दुखी बहुत तंग है,
हर तरफ देखो जैसे छिड़ी हुई जंग है,
समझ न आये क्या जीने का ढंग है,
प्यार मोहब्बत का फीका हुआ रंग है,
अब  दूर जा बसी ख़ुशी रहती न संग है,
हर किसी को कोई न कोई मज़बूरी है।
हंसना जरुरी ...................गुमनाम"

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