sufi tadka
सोमवार, 17 जून 2013
tere didar ki
तेरे दीदार की हसरत बाकी,
वर्ना इस दुनिया में रखा क्या है।राजेन्द्र "गुमनाम"
सुप्रभात जी ..............जय जय मां
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