शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2012

skndhmata

स्कन्ध माता,
सुख की दाता,
विनती हमारी करो स्वीकार,
बख्शो प्यार माँ बक्शो प्यार।
बख्शो प्यार .....................
हर तरफ छल कपट है धोखा,
इमानदार अपने हाल पे रोता,
अब बदल गया माँ तेरा संसार।
बख्शो प्यार .....................
"रैना" से मइया  कर न तू दुरी,
जान भी लें माँ मेरी मज़बूरी,
माता जोड़ भी दे मन के तार।
बख्शो प्यार ....................."रैना"


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