बुधवार, 17 अक्टूबर 2012

beshak jnta

बेशक जनता को??????
 एक बात समझ आई हैं???????
एक ही थैली के चट्टे बट्टे,
नेता???????????
चोर चोर मौसेरे भाई है।
कहने को जनता के शुभचिंतक,
सही मायनों में कसाई हैं।
किसी एक पर इल्जाम नही,
अब सब ने लूट मचाई है।
देखिये इन चोरों को ????????
बड़ी कड़वी लगती सच्चाई है।
कोई दामाद को बचाये,
कोई अध्यक्ष को साफ बताता है।
जो अधिकारी निष्पक्ष जाँच करे,
उसको बदला जाता है।
देश की जनता की बदनसीबी,
प्रधानमंत्री को सज्ञान न ले रहे,
कानून मंत्री????????
जान से मरने की धमकी दे रहे है।
बेशक अब भारत देश लगता,
अंधेर नगरी चौपट राजा,
गरीब इमानदार रो रहे,
बेईमान चोर उच्चके बजाये बाजा।
नेता कहते खाए जा खाए जा। ......."रैना"

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