खुली कविता
दौरे महंगाई का असर देखे,
बच्चे बोले बीवी वो सब कहती है,
देखे मेरी लाचारी जेब भी मायूस रहती है।
महंगाई का असर इता ही पड़ा है,
जो चलता था सीना ताने,
वो सर झुकाये खड़ा है।
देखिये अब इस देश में हर कोई लाचार है,
बेईमान चोर उच्चके,नेता के घर बहार है।
अब जले भी तो कैसे दीप में न तेल है,
किस् से करे शिकायत सारा सिस्टम ही फेल है।
देखिये मसीहा कैसे अपना फर्ज निभा रहे है,
पैसे पेड़ पर नही लगते जनता को बता रहे है।
श्रीमान जी नेता ही देश को ठगते है,
अब जनता समझ गई है पैसे कुर्सी को लगते है।
सदन में भी अब न जनता का जिकर है,
अधिकतर नेताओ को स्विस बैंक का फिकर है।
उठो देशवासियों अपना फर्ज निभाओ,
वोट की चोट मार कर भ्रष्टाचारी नेताओं को भगाओ। ......."रैना"
दौरे महंगाई का असर देखे,
बच्चे बोले बीवी वो सब कहती है,
देखे मेरी लाचारी जेब भी मायूस रहती है।
महंगाई का असर इता ही पड़ा है,
जो चलता था सीना ताने,
वो सर झुकाये खड़ा है।
देखिये अब इस देश में हर कोई लाचार है,
बेईमान चोर उच्चके,नेता के घर बहार है।
अब जले भी तो कैसे दीप में न तेल है,
किस् से करे शिकायत सारा सिस्टम ही फेल है।
देखिये मसीहा कैसे अपना फर्ज निभा रहे है,
पैसे पेड़ पर नही लगते जनता को बता रहे है।
श्रीमान जी नेता ही देश को ठगते है,
अब जनता समझ गई है पैसे कुर्सी को लगते है।
सदन में भी अब न जनता का जिकर है,
अधिकतर नेताओ को स्विस बैंक का फिकर है।
उठो देशवासियों अपना फर्ज निभाओ,
वोट की चोट मार कर भ्रष्टाचारी नेताओं को भगाओ। ......."रैना"
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