sufi tadka
गुरुवार, 11 अक्टूबर 2012
maine shayri ke bare
शेर लिखेगे मैंने सोचा भी नही,
मुझको यारों ने शायर ही बना दिया। "रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें