दोस्तों आप के लिए
ग़ज़ल
क्या देखे हस्त लकीरों को,
भाग्य सजदा करे वीरों को।
खुद पे विशवास नही तुझको,
हर रोज मनाये पीरों को।
जीवन का सफर नही मुश्किल,
सफल बना तू तदबीरों को।
तुझ में इतनी तो हिम्मत है,
तू बदल लिखी तहरीरों को।
आशिक रांझे बेमौत मरे,
दुःख मिलता बेबस हीरों को।
मेहनती जो धुन के पक्के,
वो बदले है तस्वीरों को।
"रैना" सबने रोना धोना,
सुख मिलता मस्त फकीरों को। ......."रैना"
ग़ज़ल
क्या देखे हस्त लकीरों को,
भाग्य सजदा करे वीरों को।
खुद पे विशवास नही तुझको,
हर रोज मनाये पीरों को।
जीवन का सफर नही मुश्किल,
सफल बना तू तदबीरों को।
तुझ में इतनी तो हिम्मत है,
तू बदल लिखी तहरीरों को।
आशिक रांझे बेमौत मरे,
दुःख मिलता बेबस हीरों को।
मेहनती जो धुन के पक्के,
वो बदले है तस्वीरों को।
"रैना" सबने रोना धोना,
सुख मिलता मस्त फकीरों को। ......."रैना"
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