प्यार कजा संभल के करना,
दौर बुरा बेमौत न मरना।
दुश्मन वार करे सब जाने,
दोस्त चाल चले गा डरना।
औरों से लड़ता रहता है,
कब सीखे गा खुद से लड़ना।
जीवन पशु जैसा ही जीना,
फिर तय है दलदल में पड़ना।
"रैना" उल्फत सुख देती है,
मत नफरत की पुस्तक पढ़ना। "रैना"
दौर बुरा बेमौत न मरना।
दुश्मन वार करे सब जाने,
दोस्त चाल चले गा डरना।
औरों से लड़ता रहता है,
कब सीखे गा खुद से लड़ना।
जीवन पशु जैसा ही जीना,
फिर तय है दलदल में पड़ना।
"रैना" उल्फत सुख देती है,
मत नफरत की पुस्तक पढ़ना। "रैना"
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