महफ़िल में आ कर तेरी,
जाग उठे अरमान मिरे,
बेशक उनको मिल लेगे,
दोस्त जो अनजान मिरे।
हद में रहता हूँ अपनी,
सीने में तूफान मिरे,
मैं जानू औकात मिरी,
दोस्त तो भगवान मिरे। ...."रैना"
जाग उठे अरमान मिरे,
बेशक उनको मिल लेगे,
दोस्त जो अनजान मिरे।
हद में रहता हूँ अपनी,
सीने में तूफान मिरे,
मैं जानू औकात मिरी,
दोस्त तो भगवान मिरे। ...."रैना"
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