टूटे पत्तों को उड़ा कर हवा सोचने लगी वो तूफान हो गई."रैना
बदला मिजाज मौसम का असर या बदगुमानी."रैना"
आप को चाहे फुरसत न मिले मगर मैं शाम ढलने तक इंतजार करुगा."रैना"
मेरी बेबसी मेरे चहरे पर झलकने लगती है,
वैसे मैं हंसने का प्रयास तो करता हूं"रैना"
बदला मिजाज मौसम का असर या बदगुमानी."रैना"
आप को चाहे फुरसत न मिले मगर मैं शाम ढलने तक इंतजार करुगा."रैना"
मेरी बेबसी मेरे चहरे पर झलकने लगती है,
वैसे मैं हंसने का प्रयास तो करता हूं"रैना"
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