ख़त्म हो कोई रास्ता ये नामुमकिन नही मुश्किल है,
मुश्किल हो सकती आसान मगर जमाना संगदिल है."रैना"
मौसम की तरह बदलते इन्सान अब अपनी सुरत भी भूल जाते है."रैना"
खिजा के मौसम में भवरें चमन में गुनगुनाते नही."रैना"
जब हकीकत से मेरा हुआ सामना तब मुझे खबर हुई तुम बेवफा हो."रैना"
इन्सान ताउम्र सीखता मगर फिर भी,
सीखने को बहुत कुछ बाकी रह जाता है,
और इन्सान अलविदा कह जाता है."रैना"
मुश्किल हो सकती आसान मगर जमाना संगदिल है."रैना"
मौसम की तरह बदलते इन्सान अब अपनी सुरत भी भूल जाते है."रैना"
खिजा के मौसम में भवरें चमन में गुनगुनाते नही."रैना"
जब हकीकत से मेरा हुआ सामना तब मुझे खबर हुई तुम बेवफा हो."रैना"
इन्सान ताउम्र सीखता मगर फिर भी,
सीखने को बहुत कुछ बाकी रह जाता है,
और इन्सान अलविदा कह जाता है."रैना"
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