सोमवार, 5 दिसंबर 2011

अब तो समाचार फर्जी भी बनाया जाता है,
ये सही पैसे देकर झूठ सच लिखवाया जाता है."रैना"
भला नेता
जनलोकपाल बिल क्यों करे पास,
क्योकि उन्हें इतना तो है विस्वास,
जब जनलोकपाल बिल बन आयेगा,
पहले फंदा उनके गले में डाला जायेगा.
अन्ना जी
इसलिए ऐसा जनलोक पाल बिल बना लो,
नेताओं को पूरी तरह से बाहर निकालो.
फिर तो देरी का सवाल ही न रह जाये गा,
गैर नेता
जनलोक पाल बिल एक घंटे में पास हो जायेगा.
फिर नेता पहले की तरह गुल्छरे उडायेगे,
पट्रोल पीने वाले खूब पीयेगे,
चारा खाने वाले चारा खायेगे.
देश को घोटाला चैम्पियन बनायेगे........."रैना"

अरे भाई ये व्यंग्य बाण हमारे पूजनीय अन्ना जी के लिए नही नेताओ के लिए है."रैना"
वैसे अख़बार मालिक
अधिकतर पत्रकारों से बिना पैसे काम लेते है,
बदले में उन्हें विज्ञापन इकठ्ठा करने का ठेका देते है,
जनता को खबरे लगा कर डराओ धमकाओ,
ढेर सारे विज्ञापन इकठ्ठा कर लाओ.

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