मेरे दिल की तंग गलियों से यूँ न गुजरिये,
देखो वक्त बदल रहा कुछ तुम भी बदलीये.
हमने तो मान ली है बुजुर्गों की नेक सलाह,
बेशक हम तो संभल गये तुम भी संभलिये.
वैसे अच्छी नही होती है इस कद्र तल्खियाँ,
फरेबी इस जमाने को धीरे धीरे ही समझिये."रैना"
देखो वक्त बदल रहा कुछ तुम भी बदलीये.
हमने तो मान ली है बुजुर्गों की नेक सलाह,
बेशक हम तो संभल गये तुम भी संभलिये.
वैसे अच्छी नही होती है इस कद्र तल्खियाँ,
फरेबी इस जमाने को धीरे धीरे ही समझिये."रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें