ता उम्र किताबे पढ़ते रहे ये फिर भी समझ नही आया,
इस रंग बिरंगी दुनिया में,मैं क्यों आया तू क्यों आया.
जगत के सच्चे मालिक ने देखो अजब लीला रचाई है,
उसके विधि विधान को तो कोई भी समझ नही पाया.
इन्सान को उस जादूगर ने चक्करों में है डाल दिया,
किस घर में उसका डेरा पता उसने न अपना बतलाया.
"रैना" उम्र गुजार सेवा में हो साफ स्वच्छ नीयत नीति,
फिर पूरा हो जाये तेरा मकसद इसलिए तू यहाँ आया.
सुप्रभात जी ..................................good morning.
इस रंग बिरंगी दुनिया में,मैं क्यों आया तू क्यों आया.
जगत के सच्चे मालिक ने देखो अजब लीला रचाई है,
उसके विधि विधान को तो कोई भी समझ नही पाया.
इन्सान को उस जादूगर ने चक्करों में है डाल दिया,
किस घर में उसका डेरा पता उसने न अपना बतलाया.
"रैना" उम्र गुजार सेवा में हो साफ स्वच्छ नीयत नीति,
फिर पूरा हो जाये तेरा मकसद इसलिए तू यहाँ आया.
सुप्रभात जी ..................................good morning.
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