तू न सही तेरी याद सहारे के लिए,
इतना काफी है मेरे गुजारे के लिए.
मझदार कभी साहिल के करीब डूबे,
यूँ कश्ती रवा होती किनारे के लिए.
खुदा की मर्जी हुआ हो गया हादसा,
हम घर से निकले थे नजारे के लिए.
"रैना" मेरी नीयत पे शक न करना,
जान दे सकते अपने प्यारे के लिए."रैना"
इतना काफी है मेरे गुजारे के लिए.
मझदार कभी साहिल के करीब डूबे,
यूँ कश्ती रवा होती किनारे के लिए.
खुदा की मर्जी हुआ हो गया हादसा,
हम घर से निकले थे नजारे के लिए.
"रैना" मेरी नीयत पे शक न करना,
जान दे सकते अपने प्यारे के लिए."रैना"
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