शनिवार, 3 दिसंबर 2011

gantatrta diwas

गणतंत्रता दिवस पे सम्मानित होने की इस बार अपनी बारी है,
क्योकि ऊँगली कटवा कर शहीद होने की हमने कर ली तैयारी है.
ये पहली बार नही जब इक कायर को मिलेगा बहादुरी का इनाम,
गाँधी के देश में गधे पंजीरी खाते ऐसी ही कुछ व्यवस्था हमारी है.
जनता के रक्षक भ्रष्ट राजनेता देश को लुट कर भरे विदेशी बैंक,
आश्वासनों से पेट भरती जनता के हिस्से में सिर्फ बेचारी लाचारी है.
"रैना" चोर उच्चको के घर में उजाला उनके शाही नवाबी अन्दाज,
भूख से पेट उनके सिकुड़ रहे जिनके खून में ईमानदारी खुद्दारी है."रैना"

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