जब से दुनिया किताबी पढ़ाई पढ़ने लगी है,
तब से प्यार की परिभाषा ही बदलने लगी है.
परवाने भी अब जलने के लिए नही मचलते,
अल्तफ़ शमा भी बिजली से ही जलने लगी है.
माँ बाप बहन भाई बेटे नाते नाती रिश्तेदार,
सबकी नीयत अब वक्त के साथ चलने लगी है.
बेशक अब लड़के चल पड़े कुछ अलग राह पे,
मगर लड़की माँ बाप के अरमां पूरे करने लगी है.
आम जन के घर का बिगड़ गया है बजट देखो,
सरकार की देख रेख में ही महंगाई बढ़ने लगी है.
काम में मसरूफ"रैना" को पल भर फुरसत नही
इसलिए तो बीवी हररोज बिन बात लड़ने लगी है."रैना"
तब से प्यार की परिभाषा ही बदलने लगी है.
परवाने भी अब जलने के लिए नही मचलते,
अल्तफ़ शमा भी बिजली से ही जलने लगी है.
माँ बाप बहन भाई बेटे नाते नाती रिश्तेदार,
सबकी नीयत अब वक्त के साथ चलने लगी है.
बेशक अब लड़के चल पड़े कुछ अलग राह पे,
मगर लड़की माँ बाप के अरमां पूरे करने लगी है.
आम जन के घर का बिगड़ गया है बजट देखो,
सरकार की देख रेख में ही महंगाई बढ़ने लगी है.
काम में मसरूफ"रैना" को पल भर फुरसत नही
इसलिए तो बीवी हररोज बिन बात लड़ने लगी है."रैना"
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