चल जरा अपनों से संभल के,
वरना रह जायेगा हाथ मल के.
गम की आग से नही घबराना,
देखो सोना निखरता है जल के.
हिम्मत से ही सब होता हासिल,
दिखाना है किस्मत को बदल के.
परवाने को देखिये बेमौत मरता,
बुझदिल लिपटे शमा से मंचल के.
"रैना" तेरी मजबूरी है ये भी जरूरी,
चलना पड़ेगा वक्त के सांचे में ढल के."रैना"
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