गर तुम दिल का दर्द समझ जाते,
फिर हम तन्हाई में आंसू न बहाते.
काश तुम पहले ही इशारा कर देते,
फिर हम सपनों का महल न बनाते.
सियासतदानों से जैसे तुम्हारे तेवर,
खूब गिरगट की तरह रंग बदल जाते.
चाहे तू लाख छुपा ले अपने ऐब "रैना"
मगर उसकी नजर से बच नही पाते."रैना"
फिर हम तन्हाई में आंसू न बहाते.
काश तुम पहले ही इशारा कर देते,
फिर हम सपनों का महल न बनाते.
सियासतदानों से जैसे तुम्हारे तेवर,
खूब गिरगट की तरह रंग बदल जाते.
चाहे तू लाख छुपा ले अपने ऐब "रैना"
मगर उसकी नजर से बच नही पाते."रैना"
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