मेरे ख्वाबों के शहर में जलजला आ गया है,
आबाद इक बस्ती को खंडहर बना गया है.
मंजर बरबादी का मुझ से देखा नही जाता,
जिन्दगी की राहों पे घना अँधेरा छा गया है.
दिल के आंगन में बिखरी यादें निशानियाँ,
बहुत रोये जब ख़त पुराना हाथ आ गया है.
घर रोशन करने के लिए जलाया था चिराग,
"रैना"वही चिराग तो मेरे घर को जला गया है."रैना"
आबाद इक बस्ती को खंडहर बना गया है.
मंजर बरबादी का मुझ से देखा नही जाता,
जिन्दगी की राहों पे घना अँधेरा छा गया है.
दिल के आंगन में बिखरी यादें निशानियाँ,
बहुत रोये जब ख़त पुराना हाथ आ गया है.
घर रोशन करने के लिए जलाया था चिराग,
"रैना"वही चिराग तो मेरे घर को जला गया है."रैना"
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