जब उसके पहलू में ही मरना है,
फिर दुःख का जीकर क्यों करना.है."रैना"
खुदा का शुक्र है अरमान हिस्सों में बंटे,
वैसे अक्सर अरमान टूट कर बिखर जाते है.
वो कभी भी किसी के नही होते,
जो लम्बी तान के बेफिक्र सोते."रैना"
फिर दुःख का जीकर क्यों करना.है."रैना"
खुदा का शुक्र है अरमान हिस्सों में बंटे,
वैसे अक्सर अरमान टूट कर बिखर जाते है.
वो कभी भी किसी के नही होते,
जो लम्बी तान के बेफिक्र सोते."रैना"
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