सोमवार, 27 मई 2013

tum chhup chhup krte ho

यार की शान में सूफी गीत

छुप छुप करता है प्यार,
बेसुमार,मेरे यार,दिलदार,
मैंने करना है तेरा दीदार,
इक बार,इस पार,सुन यार।
मेरे यार दिलदार .............
तेरा ही मुझ पे असर है,
इतनी तो मुझे भी खबर है,
हरपल मेरी करता फिकर है,
मिट्टी का ये तेरा ही घर है,
तू ही दो के करता है चार।
मेरे यार दिलदार .............
मैंने न निभाई प्यार की रस्में,
भूल गया मैं खाई जो कसमे,
मुझ को तो इतना पता है,
रैना"अब हो गया बेवफा है,
तुझ से आँखें न करता चार।
मेरे यार दिलदार ............."रैना"
सुप्रभात जी ..........जय जय मां


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