जाम ए जहर जिन्दगी पी के देख लिया,
हमने तेरे शहर में अब जी के देख लिया,
खून रुका नही निरन्तर बहता ही रहा है,
दिल पे लगे जख्मों को सी के देख लिया।"रैना"
हमने तेरे शहर में अब जी के देख लिया,
खून रुका नही निरन्तर बहता ही रहा है,
दिल पे लगे जख्मों को सी के देख लिया।"रैना"
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