मंगलवार, 14 मई 2013

maine maa se puchha

मैंने मां से पूछा,
मुझे अपने हिस्से की रोटी खिलाती है,
खुद कभी तू भर पेट खाना न खाती है,
और कभी बिन खाये भूखी सो जाती है,
खुद गीले में और मुझे सूखे में सुलाती है,
किसी बात का कभी गुस्सा न मनाती है,
फुर्सत मिलते ही मुझे आंचल में छुपाती है,
हर आफत से तू मुझको अक्सर बचाती है।
आखिर क्यों तू ऐसा सब कुछ कर जाती है।
मां बोली ये सब मुझसे ममता ही करवाती है,
कांटा बच्चे को चुभता सुई मां को चूभ जाती है।"रैना"

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