अपने यार की शान में लिखा सूफी गीत,
देख लिये मैंने तेरे जलवें,
मुखड़ा देखन को तरसे मन,
हटा चिलमन हटा चिलमन,
हटा चिलमन ओ जाने मन।
जाने जिगर ओ जाने मन।
हटा चिलमन .....................
करीब है तू कोई दूर नही,
न मुश्किल में मजबूर नही,
सुन फरियाद मुझे कर आबाद,
हर पल आये बस तेरी ही याद,
मैं तेरा मुरीद तू मेरा सजन।
हटा चिलमन .....................
खाली तस्वीर में रंग भर दे,
रूह मेरी इश्क से तर कर दे,
कोई हसरत फिर न रहे बाकी,
मैं रिंद हो जाऊ तू बन साकी,
तेरे हवाले सब तुझे अर्पण।
हटा चिलमन ....................."रैना"
देख लिये मैंने तेरे जलवें,
मुखड़ा देखन को तरसे मन,
हटा चिलमन हटा चिलमन,
हटा चिलमन ओ जाने मन।
जाने जिगर ओ जाने मन।
हटा चिलमन .....................
करीब है तू कोई दूर नही,
न मुश्किल में मजबूर नही,
सुन फरियाद मुझे कर आबाद,
हर पल आये बस तेरी ही याद,
मैं तेरा मुरीद तू मेरा सजन।
हटा चिलमन .....................
खाली तस्वीर में रंग भर दे,
रूह मेरी इश्क से तर कर दे,
कोई हसरत फिर न रहे बाकी,
मैं रिंद हो जाऊ तू बन साकी,
तेरे हवाले सब तुझे अर्पण।
हटा चिलमन ....................."रैना"
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