आज का शख्स कमाल करता है,
मौका लगते ही हलाल करता है।
घर में मां को तो पूछता नही,
वैष्णो मां के दर्शन हर साल करता है।
बोस के सामने तो बोलता नही,
अपनी बीवी पे आँखें लाल करता है।
क्यों पैदा किया मैंने नही कहा था,
बच्चा बाप से ये सवाल करता है।
आज का नेता खो चूका इमां अपना,
सदन में सोता या धमाल करता है।
"रैना"उसके पास आ जा चैन मिलेगा,
इक वो ही सब की सम्भाल करता है।"रैना"
मौका लगते ही हलाल करता है।
घर में मां को तो पूछता नही,
वैष्णो मां के दर्शन हर साल करता है।
बोस के सामने तो बोलता नही,
अपनी बीवी पे आँखें लाल करता है।
क्यों पैदा किया मैंने नही कहा था,
बच्चा बाप से ये सवाल करता है।
आज का नेता खो चूका इमां अपना,
सदन में सोता या धमाल करता है।
"रैना"उसके पास आ जा चैन मिलेगा,
इक वो ही सब की सम्भाल करता है।"रैना"
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