शनिवार, 18 मई 2013

chhod do diwanin

छोड़ दो दीवानों अब करनी मस्तियां,
गौर से सुनो भारत मां की सिस्कियां।
गौर से सुनो ....................................
रो रही मां मेरी देखो अपने ही हाल पर,
नाच रहे हैं मसीहा दुश्मन की ताल पर,
बिन पानी के ही अब डूब रही किश्तियां।
गौर से सुनो .......................................
भारत मां दुखी हमारा जीना धिक्कार है,
उसका नाम मिटाओ दो जो भी गद्दार है,
नफरत छोड़ बसायो प्यार की बस्तियां।
गौर से सुनो .......................................
"रैना"का मशवरा पहले खुद का सुधार करे,
भारत मां से अपने सच्चे दिल से प्यार करे,
देश की दुश्मन हैं जो वो मिटा दे हस्तियां।"रैना"

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