नजरों से जो गिर जाता,
उसका उठना मुश्किल है,
अक्सर गल्ती कर जाता,
आवारा पागल दिल है।
क्यों घबराता है "रैना"
तू तो सब कुछ कर सकता,
कुदरत ने हिम्मत बख्शी,
चोटी चढ़ने काबिल है।"रैना"
उसका उठना मुश्किल है,
अक्सर गल्ती कर जाता,
आवारा पागल दिल है।
क्यों घबराता है "रैना"
तू तो सब कुछ कर सकता,
कुदरत ने हिम्मत बख्शी,
चोटी चढ़ने काबिल है।"रैना"
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