sufi tadka
मंगलवार, 28 मई 2013
ham dhlte hi
शाम ढलते ही काटते काले कुत्ते,
हम दिन गुजार देते पानी पीकर,
मेरे हाल पे न हंसो इस कद्र दोस्तों,
इस हाल में पहुंचे हम जवानी पीकर।।"रैना"
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