दोस्तों मैं जो भी लिख रहा हूं खुदा कसम
अपना की बदौलत आप का इतना प्यार
न मिलता मैं कभी शायर न बनता
आप की खिदमत में पेश है ग़ज़ल
हार लफ्जों का ऐसा बनाया जाये,
हर ख़ुशी के फूलों से सजाया जाये।
जिन्दगी को गम से हो न मतलब कोई,
चेहरे मुरझाये को हंसाया जाये।
हैं नही जिनको कोई फ़िक्र डर उसका,
आइना उनको भी अब दिखाया जाये।
तान कर लम्बी जो सो रहे मुद्दत से,
कर जतन उनको भी तो जगाया जाये।
ये इबादत से तो कम नही है "रैना"
गर किसी गिरते को ही उठाया जाये।"रैना"
अपना की बदौलत आप का इतना प्यार
न मिलता मैं कभी शायर न बनता
आप की खिदमत में पेश है ग़ज़ल
हार लफ्जों का ऐसा बनाया जाये,
हर ख़ुशी के फूलों से सजाया जाये।
जिन्दगी को गम से हो न मतलब कोई,
चेहरे मुरझाये को हंसाया जाये।
हैं नही जिनको कोई फ़िक्र डर उसका,
आइना उनको भी अब दिखाया जाये।
तान कर लम्बी जो सो रहे मुद्दत से,
कर जतन उनको भी तो जगाया जाये।
ये इबादत से तो कम नही है "रैना"
गर किसी गिरते को ही उठाया जाये।"रैना"
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