दोस्तों मेरे द्वारा लिखित देश भक्ति गीत का कुछ अंश
जो भी जिन्दा मर्द है,उसके दिल में दर्द है,
अब तो खस्ता देश की हालत हो गई,
जो पहचान हमारी थी,वो कहां खो गई,
जो पहचान हमारी ........................
देखो कौरवों के राज में द्रोपदी लाचार हुई,
दूधमुही बच्चियों की इज्जत तार तार हुई,
सुनता न कोई बात है,दिन भी काली रात है,
फलफूल रहा शैतान है,अब चमचागिरी प्रदान है,
जुल्म की आई आंधी है,हर तरफ चलता गाँधी है,
आँखों पे पट्टी बांधे खड़ी इंसाफ की देवी सो गई।
जो पहचान हमारी ........................"रैना"
जो भी जिन्दा मर्द है,उसके दिल में दर्द है,
अब तो खस्ता देश की हालत हो गई,
जो पहचान हमारी थी,वो कहां खो गई,
जो पहचान हमारी ........................
देखो कौरवों के राज में द्रोपदी लाचार हुई,
दूधमुही बच्चियों की इज्जत तार तार हुई,
सुनता न कोई बात है,दिन भी काली रात है,
फलफूल रहा शैतान है,अब चमचागिरी प्रदान है,
जुल्म की आई आंधी है,हर तरफ चलता गाँधी है,
आँखों पे पट्टी बांधे खड़ी इंसाफ की देवी सो गई।
जो पहचान हमारी ........................"रैना"
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