रविवार, 26 मई 2013

mai darwaje pe

हम दरवाजे पे दस्तक ही नही देते,
कुछ कहते भी हैं इशारों में।"रैना"


अपनी जवानी पे इतराते हो,
गर्मी पे जवानी आई तो ????
तौबा तौबा करने लगे।"रैना"

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