गुरुवार, 30 मई 2013

merepyare

दोस्तों कुछ ध्यान करे,गौर से पढ़े

 मेरे भारत की घट रही शान है,
क्योकि मसीहा अब बेईमान है।
क्योकि मसीहा .......................
भारत माता अब छम छम रोती,
जैसा होता राजा वैसी प्रजा होती,
नेताओं को देश का कोई न ध्यान है।
क्योकि मसीहा .......................
सिर पे उठा रखा उसके अवशेष को,
गाँधी के नाम पर लूट खाया देश को,
इनका अपना न कोई भी निशान है।
क्योकि मसीहा .......................
अर्ज करे"रैना"सुने ये जनता प्यारी,
किसी को भी चिन्ता नही है तुम्हारी,
सलामत रखनी भारत की पहचान है।
गद्दार नेताओं की बंद करनी दुकान है।
क्योकि मसीहा ......................."रैना"


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें