रविवार, 26 मई 2013

tere bare me

दोस्तों ये ग़ज़ल है मात्र 16
2 +2 +2 +2 +2 +2 +2 +2

 तेरे बारे सोचा करते,
तन्हा बैठे रोया करते।
तेरी दुनिया को क्या कह दे,
हमदम दोस्त धोखा करते।
ये दिल तेरा दीवाना है,
ये कब माना हम क्या करते।
इस से अच्छा अब मर लेते,
गम अब घर का मौका करते।
 तुम मेरे अपने हो जाते,
उससे हम क्यों शिकवा करते।
"रैना" टूटा कब बिखरे गा,
दोस्त अब ये पूछा करते।"रैना"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें