शुक्रवार, 31 मई 2013

मेरे अपने कसने लगे लंगौटें देखो,
लगता है कबड्डी खेलनी ही पड़े गी।"गुमनाम"

काश मैं भी सरेआम होता,
यूं मुसाफिर न गुमनाम होता।

mujhe dekh akr

मेरे अपने कसने लगे लंगौटें देखो,
लगता है कबड्डी खेलने ही पड़े गी।"गुमनाम"

chand sirfiro

चन्द सिरफिरों ने???
हिंदुस्तान बदनाम कर दिया,
वरना यहां श्री राम जी
भिलनी के झूठे बेर खाते है।"रैना"

nisndeh

निसंदेह जानवर सद कर्म कर के ????
कम कर रहा है चक्कर,
ये इन्सान???????
चक्करों से डरता ही नही।"गुमनाम"

dhsrti

धरती की शान हैं पौधें,
जीवों की जान हैं पौधें।
फल फूल छाया भी देते,
बड़े ही दयावान हैं पौधें।
आओ और पौधें लगाये,
जीवन को खुशहाल बनाये।
प्रदूषण खतरे की निशानी,
मुश्किल में हो जिंदगानी।
पौधे ही हमें बचा सकते हैं,
स्वच्छ हवा बना सकते हैं।"गुमनाम"
सुप्रभात जी ......जय जय मां



desh ke dushmno

देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए,
मैं कलम की धार तेज करने लगा हूं।"गुमनाम"
मैं जो चमकना चाहता हूं तो मेरी क्या गलती,
इक जर्रा भी आफ्ताब बनने की ख्वाहिश रखता है।"गुमनाम"
मैं मुसाफिर गुमनाम भटक रहा था मुद्दत से,
अब ऐसा लगता जैसे मंजिल मिल गई मुझे।"गुमनाम"

 वो तो कोई और थे ????
गिरते को थामने वाले,
अब तो?????
 गिरा के सीने पे पैर रख,
गुजर जाते हैं लोग।"रैना" 

main gumnam musafir

मैं मुसाफिर गुमनाम भटक रहा था मुद्दत से,
अब ऐसा लगता जैसे मंजिल मिल गई मुझे।"रैना"
दोस्तों आज मेरे लिए बड़ा ख़ुशी का दिन है,
राष्ट्रीय कवि "सी एम अटल" जी ने
मुझे अपना शिष्य स्वीकार कर लिया है,
और मुझे "राजेन्द्र गुमनाम" नाम दिया है।
आज मैंने अपना तख्लुश रैना"से बदल कर
"गुमनाम"रख लिया है। जय जय मां 

hindustan

दोस्तों मेरे द्वारा लिखित ये देश भक्ति आप को शीघ्र ही
सुनने को मिलेगा इस बारे अपने विचार दे,

हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान मेरा प्यारा हिन्दुस्तान,
इसके चार गहनें हिन्दू सिख इसाई मुस्लमान।
हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान .................................
 विभिन्न जाति धर्मों की यहां खुशबू आती है,
हर दस बीस कदमों पे बोली ही बदल जाती है,
अनेकता में एकता मेरे भारत की है ये पहचान।
हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान ........................."रैना"


गुरुवार, 30 मई 2013

aaj maine suna

आज मैंने ये सुना इन्सान हैं हम,
ईशवर की अनूठी सन्तान हैं हम।
जिस कद्र हमारे कर्म हो गये अब,
उसको देख कर लगे शैतान हैं हम।
अपनी ही पीठ थपथपाने में लगे,
सच में बेवकूफ मुर्ख नादान हैं हम।
वफा के मतलब से अनजान हुये,
खुद को समझते भगवान हैं हम।
धर्म का रास्ता ही छोड़ दिया हमने,
मोह माया भोग पे कुर्बान है हम।
"रैना"इस का फल तो भोगना पड़े,
जो इन्सान हो के बने हैवान हैं हम।"रैना"
सुप्रभात जी ....................जय जय मां 

merepyare

दोस्तों कुछ ध्यान करे,गौर से पढ़े

 मेरे भारत की घट रही शान है,
क्योकि मसीहा अब बेईमान है।
क्योकि मसीहा .......................
भारत माता अब छम छम रोती,
जैसा होता राजा वैसी प्रजा होती,
नेताओं को देश का कोई न ध्यान है।
क्योकि मसीहा .......................
सिर पे उठा रखा उसके अवशेष को,
गाँधी के नाम पर लूट खाया देश को,
इनका अपना न कोई भी निशान है।
क्योकि मसीहा .......................
अर्ज करे"रैना"सुने ये जनता प्यारी,
किसी को भी चिन्ता नही है तुम्हारी,
सलामत रखनी भारत की पहचान है।
गद्दार नेताओं की बंद करनी दुकान है।
क्योकि मसीहा ......................."रैना"


tauba tauba

तौबा तौबा तेरी दिलकश अदायें,
बिजली गिरा के बेहाल कर दिया,
हुस्ने मलिका क्या तारीफ करे,
तूने कमाल बा कमाल कर दिया।
हम शिकायत तो नही कर सकते,
कह रहे है सिर्फ दर्दे दिल अपना,
जिसने अभी जीना था चार घड़ी,
बेवक्त बेमौत उसे हलाल कर दिया।"रैना"

बुधवार, 29 मई 2013

sham dhlte hi

सूफी गीत

शाम ढलते  ही,दीप जलते ही,
याद तेरी आयेये,जान मेरी जायेये।
मन्दिरों में गूंजे घंटी,
मस्जिद में आजान हुई,
याद तेरी तब देखो तो,
मुझ पे मेहरबान हुई,
बोली कसमें पूछे वादे,
ये बता क्यों बदले इरादे,
गौर करे उन बातों पे,रूह मेरी घबरायेये "रैना"

so n ju

सो न जाये हम हमें अक्सर जगा के रखना,
हम तिरे बच्चें हमें बहला हंसा के रखना।
गर खता कोई करे तो रोक देना हमको,
राम मेरे बद करम से तू बचा के रखना।"रैना"
सुप्रभात जी ..........................जय जय मां 

hukhi mrti jnta

भूखी मरती जनता????
और सड़ता अनाज,
दे रहा आवाज ?????
यहां की व्यवस्था????
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है,
यूं तो नेता??????
शान से जी रहे हैं,
मगर इनकी आत्मा मर गई है।"रैना"

njrose

नजरों से जो गिर जाता,
उसका उठना मुश्किल है,
अक्सर गल्ती कर जाता,
आवारा पागल दिल है।
क्यों घबराता है "रैना"
तू तो सब कुछ कर सकता,
कुदरत ने हिम्मत बख्शी,
चोटी चढ़ने काबिल है।"रैना" 

gam smbhle rhne

गम को सम्भाले रखने को,
 बैंक में ले लिया लाँकर है,
चिन्ता अब न फिकर रही,
गम कोई चुरा न पाये गा,

बेशक ख़ुशी इक धोखा है,
ये गम ही साथ निभाये गा।
जिन्दगी का सफर तन्हा ही,
हम काटे गे सच मस्ती में,
चुपके चुपके रोने में अब,
"रैना"मजा बहुत ही आयेगा।"रैना"

मंगलवार, 28 मई 2013

tnha tnha

सूफी गीत

तन्हा न कहो मुझको,
मेरे पास न तन्हाई है,
मैं भला फिर तन्हा कैसे,
संग सांवरे प्रीत लगाई है।
मोरे सांवरे से मिल गये नैन,
पल भर भी न आये मोहे चैन,
मैं दीवानी मैं दीवानी मैं दीवानी हो गई,
मैं को मैं भूल बैठी,खुद से बेगानी हो गई,
मैं दीवानी .........................
होठों पर सजना पी का नाम है,
हर तरफ मेरा श्याम ही श्याम है,
दिन भी वो मेरी रात भी वो,
दीन धर्म मेरी जात भी वो,
उसके बिना मैं हूं अधूरी,
पी से मिलन हो हो जाऊ पूरी,
सुन ले विनती अर्ज तू मेरी,
श्यामा और न कर अब देरी,
बरबाद ये मेरी जवानी हो गई।
मैं दीवानी मैं दीवानी ............"रैना"
सुप्रभात जी ............जय जय मां

kbhi tanhaiyon me

कभी तन्हाइयों में जब तेरी याद आती है,
तड़फने लगता दिल जान निकल जाती है,
बता इतना तो मुझको ये है माजरा कैसा,
तूने बीच में छोड़ा साथ तेरी याद निभाती है।"रैना"

mai sharab

दोस्तों गुस्ताखी माफ़

मैं शराब को अच्छा कैसे कह दू,
इसने तो लाखों के घर उजाड़े हैं,
यूं रिन्द रहे होगे चाहे मस्ती में,
मय ने औरत बच्चों पे कहर गुजारे हैं।"रैना"

ham dhlte hi

शाम ढलते ही काटते काले कुत्ते,
हम दिन गुजार देते पानी पीकर,
मेरे हाल पे न हंसो इस कद्र दोस्तों,
इस हाल में पहुंचे हम जवानी पीकर।।"रैना"


teri murt ko dil

 अफ़सोस ये अपना बना न पाये,
 गम है तुझे दिल से हटा न पाये,
 यूं आग ने घर को जला दिया है,
 हम दीप उल्फत का जला न पाये।"रैना"



jame jahr jindgiko

जाम ए जहर जिन्दगी पी के देख लिया,
हमने तेरे शहर में अब जी के देख लिया,
खून रुका नही निरन्तर बहता ही रहा है,
दिल पे लगे जख्मों को सी के देख लिया।"रैना"

सोमवार, 27 मई 2013

tum chhup chhup krte ho

यार की शान में सूफी गीत

छुप छुप करता है प्यार,
बेसुमार,मेरे यार,दिलदार,
मैंने करना है तेरा दीदार,
इक बार,इस पार,सुन यार।
मेरे यार दिलदार .............
तेरा ही मुझ पे असर है,
इतनी तो मुझे भी खबर है,
हरपल मेरी करता फिकर है,
मिट्टी का ये तेरा ही घर है,
तू ही दो के करता है चार।
मेरे यार दिलदार .............
मैंने न निभाई प्यार की रस्में,
भूल गया मैं खाई जो कसमे,
मुझ को तो इतना पता है,
रैना"अब हो गया बेवफा है,
तुझ से आँखें न करता चार।
मेरे यार दिलदार ............."रैना"
सुप्रभात जी ..........जय जय मां


रविवार, 26 मई 2013

mere ghar men

मेरे घर में अम्बे रानी,
रहना तुम स्वीकार करो,
तुच्छ दास हम तेरे हैं,
हम पे ये उपकार करो।
प्यार करो मां प्यार करो,
प्यार करो मां ...............
दूर तलक अन्धेरा है,
उजाला नजर नही आता,
तेरे सिवा इस दुनिया में,
रखवाला नजर नही आता,
मरुस्थल में भटक रहा हूं,
भव से मुझको पार करो।
प्यार करो मां ..................
इतना कर्म मां मेरी करदे,
भूल का मैं सुधार करू,
हर नारी में मेरी माता,
तेरा ही मैं दीदार करू,
मेरे जीवन की बगिया को,
मईया जी गुलजार करो।
प्यार करो मां ............."रैना"
सुप्रभात जी .............जय जय  मां





tere bare me

दोस्तों ये ग़ज़ल है मात्र 16
2 +2 +2 +2 +2 +2 +2 +2

 तेरे बारे सोचा करते,
तन्हा बैठे रोया करते।
तेरी दुनिया को क्या कह दे,
हमदम दोस्त धोखा करते।
ये दिल तेरा दीवाना है,
ये कब माना हम क्या करते।
इस से अच्छा अब मर लेते,
गम अब घर का मौका करते।
 तुम मेरे अपने हो जाते,
उससे हम क्यों शिकवा करते।
"रैना" टूटा कब बिखरे गा,
दोस्त अब ये पूछा करते।"रैना"

grmi se ghbra

 इस मौसम में दोस्तों की नजर

घबरा रहे हैं लोग गरमी से मुझे बरसात का डर है,
बेशक फ़िकर मुझको लगी हरपल यही कच्चा मिरा घर है।
ये सच गुमां करता नही हर हाल में खुश है यही फितरत,
झुकता मिरा सिर तो वही जिस भी गली में यार का दर है।"रैना"

wqt ke sath

रविवारीय स्पेशल दोस्तों की महफ़िल में,

मंद मंद मुस्कराया न करो,
मेरा दिल जलाया न करो।
हम डूबे नशे में हर घड़ी,
चश्मे मय पिलाया न करो।
देख कर तुझे कलियां चटके,
गुलशन में कभी जाया न करो।
मिल न जाये दम से फुरसत,
कातिल अदा दिखाया न करो।
दोनों में राज रहता कायम,
"रैना"तीसरे को बताया न करो।"रैना"

mai darwaje pe

हम दरवाजे पे दस्तक ही नही देते,
कुछ कहते भी हैं इशारों में।"रैना"


अपनी जवानी पे इतराते हो,
गर्मी पे जवानी आई तो ????
तौबा तौबा करने लगे।"रैना"

dilke

इन्सां अब तो हैरां सा है,
हर दिल में इक तूफां सा है।
जीने की हसरत कब बाकी,
टूटा दिल का अरमां सा है।
भूले से भी ये मत कहना,
कल का बच्चा नादां सा है।
जो मरता उसकी मजबूरी,
जीने को रखा सामां सा है।
"रैना"को अब लगता ऐसा,
हर नारी का मुख मां सा है।"रैना"


शनिवार, 25 मई 2013

aehsas hota

एहसास होता पास रहता है,
अफ़सोस वो कुछ भी न कहता है।
हरकत मिरी पे है नजर उसकी,
दोस्तों मैं कोई बड़ा ग़ज़ल कार नही
फिर भी इस ग़ज़ल की बहर है गुस्ताखी माफ़
2 +2 +1+2  2 +2 +1+2  2 +2 +1+2

दिन रात निरंतर दौड़ता है आदमी,
ये खास पत्थर  तोड़ता है आदमी।
बेटी की शादी में खर्च कर दे सारे,
सारी उमर जो जोड़ता है आदमी।
गम में ख़ुशी से भी निभाता ही रहे,
अक्सर पटाखें फोड़ता है आदमी।
मौका लगे तो फिर कलम झट ही करे,
यूं कब किसी को छोड़ता है आदमी।
गर हो न हिम्मत की कमी इन्सान में,
फिर तो नदी को मोड़ता है आदमी।
"रैना"कभी अपना गिरेबां देखना,
अब और के घर झांकता है आदमी।"रैना"

गुरुवार, 23 मई 2013

jra kaise khe


मेरे दिल में उतर कर देखो,
जख्मों के सिवा कुछ नजर न आये गा।"रैना"

यूं कांटें तो प्यारें दोस्त बना लिये हमने,
अफ़सोस फूलों से जख्म खा लिये हमने,
टूट गये जो कभी तेज चली हवा में यारों,
"रैना" वो टूटे सपने फिर सजा लिये हमने।"रैना"

jo bujhdil vo lav

दोस्तों ये साधारण ग़ज़ल आप की नजर

जो बुझदिल लव कैसे खोले,
जिसमें हिम्मत वो सच बोले।
जिसकी फितरत में धोखा है,
वो तो अक्सर ही कम तोले।
मुसिबत को जिसने परखा है,
वो मुश्किल में है कब डोले।
बीमारी से जो बचना हैं,
तू हाथों को मल के धो ले।
जिसने बख्शा ये घर सुन्दर,
"रैना" तू भी उसका होले। "रैना"

aashike

आतिशे इश्क ने सुर्ख रु कर दिया,
मैं मैं न रह पाया तू ने तू कर दिया।
हीर को देखो अब राँझा हो गई है,
उसने अपने जैसा हु ब हू कर दिया।"रैना"

बुधवार, 22 मई 2013

o bhi jinda

दोस्तों मेरे द्वारा लिखित देश भक्ति गीत का कुछ अंश

जो भी जिन्दा मर्द है,उसके दिल में दर्द है,
अब तो खस्ता देश की हालत हो गई,
जो पहचान हमारी थी,वो कहां खो गई,
जो पहचान हमारी ........................
देखो कौरवों के राज में द्रोपदी लाचार हुई,
दूधमुही बच्चियों की इज्जत तार तार हुई,
सुनता न कोई बात है,दिन भी काली रात है,
फलफूल रहा शैतान है,अब चमचागिरी प्रदान है,
जुल्म की आई आंधी है,हर तरफ चलता गाँधी है,
आँखों पे पट्टी बांधे खड़ी इंसाफ की देवी सो गई।
जो पहचान हमारी ........................"रैना"


दोस्तों मेरी रचना का ये रंग जिसने
 मुझे रोने के लिए मजबूर कर दिया,

पूछे बिना तन्हा चले जाते हैं,
जाने वाले बहुत तड़फाते हैं।
यादें खोखला कर देती सीना,
ऐसा जाते लौट के न आते हैं।
ऐसे रुठ जाते जिगर के टुकड़े,
फिर कभी शक्ल न दिखाते है।
साथ छोड़ कर दूर जाने वाले,
मौका बे मौका खूब रूलाते हैं।
तू इतना तो बता दे मेरे मौला,
ये जाने वाले कहां घर बनाते है।
"रैना" को बीच छोड़ जाने वाले,
चल हम भी तेरे पीछे आते हैं।"रैना"

puchhe bina tanha

दोस्तों मेरी रचना का ये रंग जिसने
 मुझे रोने के लिए मजबूर कर दिया,

पूछे बिना तन्हा चले जाते हैं,
जाने वाले बहुत तड़फाते हैं।
यादें खोखला कर देती सीना,
ऐसा जाते लौट के न आते हैं।
ऐसे रुठ जाते जिगर के टुकड़े,
फिर कभी शक्ल न दिखाते है।
साथ छोड़ कर दूर जाने वाले,
मौका बे मौका खूब रूलाते हैं।
तू इतना तो बता दे मेरे मौला,
ये जाने वाले कहां घर बनाते है।
"रैना" की बीच छोड़ जाने वाले,
चल हम भी तेरे पीछे आते हैं।"रैना"

मंगलवार, 21 मई 2013

shri sant

मेरे दोस्त कार्टून बना सकते है,

श्री संत नही?????
सट्टा संत जी महाराज।"रैना"

aaj ka shkhs

आज का शख्स कमाल करता है,
मौका लगते ही हलाल करता है।
घर में मां को तो पूछता नही,
वैष्णो मां के दर्शन हर साल करता है।
बोस के सामने तो बोलता नही,
अपनी बीवी पे आँखें लाल करता है।
क्यों पैदा किया मैंने नही कहा था,
बच्चा बाप से ये सवाल करता है।
आज का नेता खो चूका इमां अपना,
सदन में सोता या धमाल करता है।
"रैना"उसके पास आ जा चैन मिलेगा,
इक वो ही सब की सम्भाल करता है।"रैना"

सोमवार, 20 मई 2013

gumnam hu

गुमनाम हूं मैं सरेआम होना है,
तेरे नाम से मुझे बदनाम होना है।
मैं खुद तो कुछ कर नही सकता,
तेरे हाथों से ही ये काम होना है।
इस शहर में अब दिल नही लगता,
तेरी बज्म में दिल को आराम होना है।
मैं क्यों गुमां करू किस लिये यारों,
इक दिन सब को तमाम होना है।
"रैना" को यकीन अपने कर्मों का,
हाथों में तेरे नाम का जाम होना है,"रैना"
सुप्रभात जी ...................जय जय माँ 

ab aediya

एडियां उठा उठा कर देखती मां भारती,
क्या मुझे कोई आजाद करवाने आयेगा।"रैना"

kdwa sach

नये कवियों को इसलिये नही पूछा जाता,
क्योकि पुराने कुछ कवियों ने ???
डाकूओं की तरह बना लिए दल अपने।"रैना"

is shar me

इस शहर में कोई नही मुझे पूछने वाला,
मैं सिर फिरा हूं मेरे हाथ में कलम यारों,"रैना"

eshak sabne jana hai

बेशक सब ने ही जाना उस शहर में,
कोई निशानी रहे बाकी इस शहर में।"रैना"

yu mrega

यूं मरेगा तो कोई आंसू न बहाये गा,
तेरी लहद पे कोई फूल न चढ़ाये गा,
गर देश के खातिर कुर्बान हो जाये गा,
बेशक "रैना"शहीद का दर्जा तू पायेगा, "रैना"

mrne ke bad bhi gar

मरने के बाद भी गर तू चाहता है जिन्दगी,
मातृ भूमि के दीवानों में नाम लिखवा ले।"रैना"

रविवार, 19 मई 2013

maa bapki

मां बाप की इज्जत सत्कार करो,
अपनी मातृ  भूमि से प्यार करो।
अपनी मातृ ..............................
मां बाप मातृ भमि की करो गे सेवा,
निसंदेह सेवा का मिले गा फिर मेवा,

जिन्दगी के चमन को गुलजार करो।
अपनी मातृ ..............................
मिली जो आजादी इसे खो मत देना,
उज्जवल राहों में कांटे बो मत  देना,
जो देश के दुश्मन उनको बाहर करो।
अपनी मातृ ..............................
अब देश पे विपदा"रैना"आन पड़ी है,
मां मेरी भारती देखो बहुत ही डरी है,
इन सफेद कौवों पर न एतबार करो।
अपनी मातृ .............................."रैना"

शनिवार, 18 मई 2013

dosti

दोस्ती ऐसे ही निभाना मेरे दोस्त,
मेरे हर ऐब को छुपाना मेरे दोस्त,
तेरे ही सहारे हम जिन्दा शान से,
अब हाथ न पीछे हटाना मेरे दोस्त।
पलकों पे तूने सजाया है मुझको,
अब पैरों में न गिराना मेरे दोस्त।
तू कृष्ण है मैं मुफलिस सुदामा,
मुझे हंस के गले लगाना मेरे दोस्त।
ये दोस्ती हम नही तोड़े गे तोड़े गे,
हम गाते रहेगे यही तराना मेरे दोस्त।
"रैना" की दोस्ती सिर चढ़ के बोलेगी,
याद रखेगा फिर ये जमाना मेरे दोस्त।"रैना"

chhod do diwanin

छोड़ दो दीवानों अब करनी मस्तियां,
गौर से सुनो भारत मां की सिस्कियां।
गौर से सुनो ....................................
रो रही मां मेरी देखो अपने ही हाल पर,
नाच रहे हैं मसीहा दुश्मन की ताल पर,
बिन पानी के ही अब डूब रही किश्तियां।
गौर से सुनो .......................................
भारत मां दुखी हमारा जीना धिक्कार है,
उसका नाम मिटाओ दो जो भी गद्दार है,
नफरत छोड़ बसायो प्यार की बस्तियां।
गौर से सुनो .......................................
"रैना"का मशवरा पहले खुद का सुधार करे,
भारत मां से अपने सच्चे दिल से प्यार करे,
देश की दुश्मन हैं जो वो मिटा दे हस्तियां।"रैना"

ye shahar

दोस्तों की महफ़िल में अपनी मज़बूरी

ये शहर जंगल बियाबान हो गया,
आदमखोर अब इन्सान हो गया।

जानवर तो बा असूल नही बदले,
बदल गया आदमी हैवान हो गया।
कल युग का ये कैसा असर देखो,
वक्ता ही अब गुरु भगवान हो गया।
दावे करता है ईमानदारी के बहुत,
मौका लगते ही बेईमान हो गया।
रहना खाना बच्चों की पढ़ाई शादी,
महंगाई में बन्दा परेशान हो गया।

जीते जी गिद्द नोच रहे मास देखो,
दर्द सहता "रैना"बेजुबान हो गया।"रैना"

शुक्रवार, 17 मई 2013

wah terikaragri

वाह रे तेरी कारागरी कमाल बा कमाल है,
समझ न सका कोई ये कैसी तेरी चाल है।
किसी को आज तक मिल न पाया जवाब है,
अनबुझ पहेली ऐसी मुश्किल बड़ा सवाल है।
तेरे हुस्न के चेर्चे होते हर इक महफ़िल में,
हर इक शै पर शबाब चढ़ा तेरा ही जमाल है।
बेशक ये सच"रैना"उसके आशिक मस्ती में,
जो भी उससे दूर है रहता उसका बुरा हाल है।"रैना"
सुप्रभात जी ......................जय जय मां

biwi pdi thi

कोरा झूठ और कड़वा सच,

तेरी याद में रात भर सो न सका,
बीवी पड़ी थी साथ में रो न सका।
मगर ये तू सोच इसका ध्यान कर,
तेरा क्या हो जो बीवी का हो न सका।"रैना"

u n sada hoya fer ki

punjabi drd bhar meri pasnd da song

tu na sada hoya fer ki,assi ta tere ho gye,
mahi tainu hai mann leya sade fere ho gye.
tu n sada hoya ..............................
khtm syahi dawata di ishk kahani likh chhadi,
jin marn da fikr nhi tere na jindgani likh chhadi,
sade te bhaidi duniya nal aj to nibede ho gye.
tu n sada hoya ..............................
mauka jdo vi lg jave te koi nishani de javi,
hor na kuj je den hove ta koi badnami de javi,
"raina" da tu na ho skeya ae gam ta mere ho gye.
tu n sada hoya .............................."raina"

गुरुवार, 16 मई 2013

tore bin suna suna

मेरी कलम का नया रंग आप के लिए

तोरे बिन सूना सूना लागे मोरे सजना,
बोले न पायल छम छम बोले न कंगना,
तोरे बिन सूना .......................................
माथे का टिका न चमके नाक की नथनिया,
गहनें करते शिकायत धोखा दे गया सेइया,
तेरे गम में छोड़ा हमने सजना सवरना।
तोरे बिन सूना .......................................
तू  तन्हा न गया साथ ले गया बहार को,
अब याद न रहती मैं भूली हार श्रृंगार को,
"रैना"लगता है मुझको रो रो के मरना।
तोरे बिन सूना ......................................."रैना"
tere bin soona soona lage more sajna,
bole n payl chhm chhm bole n kangna,
tere bin soona ....................................
mathe ka tika n chmke nak ki nathaniya,
gahne krte shikayt dhokha de gya seiya,
tere gam me chhoda hmne sajna sawrna,
ter bin soona .....................................
tu tnha n gya sath le gya bahar ko,
ab yad n rhti mai bhuli haar shrigar ko,
"raina" lgta hai mujh ko ro ro ke marna,
tere bin soona ......................"raina"

बुधवार, 15 मई 2013

teri yadonne

हर तमन्ना मिरी तो अधूरी रही,
वो मिले ही नही जो जरुरी रही।"रैना"
दोस्तों अब हर रोज एक कविता मैं देश के खातिर
लिखुगा आओ हम सब देश के बारे भी चिंतन करे।

अपने घर को खूब सम्भालो दोस्तों,
देश के लिए कुछ वक्त निकालो दोस्तों।
देश के मसीहा ही अब गद्दार हो गये,
सोच समझ के वोट अब डालो दोस्तों।
लतों के भूत बातों से कब है मानते,
देश के खातिर खंजर उठा लो दोस्तों।
युवाओं के कन्धों पर देश का भार है,
अपने कन्धों को मजबूत बना लो दोस्तों।
काले अंग्रेज देश को गिरवी धर दे गे,
"रैना"दुष्टों से भारत मां बचा लो दोस्तों।"रैना"
जय मां भारती, यही पूजा आरती,

ve sjna

ve bedrda dhokhebaja sajna,
kitta wada assi ta  nibha lain,
tu lag jana kise gair de glle nal,
assi maut nu glle nal laa laina."raina'

bagwanse

काश मेरी लिखी ग़ज़ल की कोई
बात आप के मन में उतर जाये,

तू बागवां से दिल लगा के देख,
महके चमन यूं आज़मा के देख।
क्यों भटकता तू दर ब दर बेहाल,
अपने ही घर में यार आ के देख।
मुश्किल घड़ी में काम आते जान,
तू चार पैसे तो बचा के देख।
जन्नत तिरा घर भी बने ये सोच,
मां बाप को तू रब बना के देख।
खुद ही नज़र आये मंजिल की डगर,
तू दीप मन का वो जला के देख।
"रैना"तभी होगी सुबह उस पार,
अपने रकीबों को मिटा के देख।"रैना"

jhuthh ki is bsti

झूठ की बेबस इस बस्ती में,
बोलते सच रहते मस्ती में।"रैना"

aasan jindgi

आसां जिन्दगी का सफर नही होता,
यूं गम से बचा कोई बशर नही होता।
तेरी दीद को तड़फ रहा ये दिल मेरा,
तुझे देखे बिन अब सबर नही होता।
खुदा की होती है खास ही मेहरबानी,
बेशक बातों में यूं असर नही होता।
आलिशान महल बना दिये लोगों ने,
वो बेघर उसका कोई घर नही होता।"रैना"

sufi punjabi

sufi pujabi geet

jdo akh nal akh lad jadi hai,
ruh nach di te nale gadi hai,
sone sajna di yaad stadi hai,
akhiyan chau nind ud jadi hai,
jdo akh nal ........................
dil ishke nwaja pdda hai,
sone yaar di ibadat krda hai,
bhaidi duniya to n dar da hai,
unjh apne nal hi oa ladda hai,
fer gall ithe hi sari muk jadi hai,
jdo akh nal ........................"raina"

ghar ke andhero

घर के अंधेरों से निभाते है,
हम दूसरे के घर की रोशनी नही देखते,
उल्फत हुई जब उस मेहरबान से,
हम तो तभी से ही दुश्मनी नही देखते। "रैना"
ghar ke andhero se nibhate hai,
hm dusre ke ghar ki roshani nhi dekhte,
ulft hui jab us meharban se,
ham to tbhi se hi dushmni nhi dekhte."raina"


ujdi bstiya nhu

उजड़ी बस्तियां नही देखते,
डूबी कश्तियां नही देखते,
हम सोचते है सदा आगे की,
दिल की मस्तियां नही देखते।"रैना"

 घर किसी के हम न जाते,
 अपने घर ताला लगा रखते,
जिन्दगी ख्वाबों में नही जीते,
आइना खुद खुद को दिखा रखते।"रैना"
kisi ke ghar hm nhi jate,
apne ghar ko tala lga rkhte,
jindgi khwabon me nhi jite,
aaina khud khud ko dikha rkhte."raina"

मंगलवार, 14 मई 2013

jaan gya tu hakikt kya hai

जान गया हकीकत क्या फिर भी करता देरी है,
मतलब की ये सारी दुनिया,न तेरी न मेरी है।
मतलब की ये ......................................
मतलब हो तो भाई बंधु आगे पीछे घूमे हैं,
करे खुशामद हंस हंस बोले पैरों को चूमें हैं,
मतलब निकला फिर तो सब ने नजर फेरी है।
मतलब की ये .........................................
मोह माया में पड़ के मतलब के झूले झूल गये,
जिसने सब कुछ बख्शा है उसको भी भूल गये,
"रैना"वो सब देख रहा क्यों तू करता हेराफेरी है।
मतलब की ये ..........................................."रैना"
सुप्रभात जी ......................जय जय मां 

are bchchiyoko

अरे ?????
बच्चियों को बाद में बचाना,
पहले बीवियों को मारना बंद करो।"रैना"

maine maa se puchha

मैंने मां से पूछा,
मुझे अपने हिस्से की रोटी खिलाती है,
खुद कभी तू भर पेट खाना न खाती है,
और कभी बिन खाये भूखी सो जाती है,
खुद गीले में और मुझे सूखे में सुलाती है,
किसी बात का कभी गुस्सा न मनाती है,
फुर्सत मिलते ही मुझे आंचल में छुपाती है,
हर आफत से तू मुझको अक्सर बचाती है।
आखिर क्यों तू ऐसा सब कुछ कर जाती है।
मां बोली ये सब मुझसे ममता ही करवाती है,
कांटा बच्चे को चुभता सुई मां को चूभ जाती है।"रैना"

सोमवार, 13 मई 2013

wah ri facebook

वाह री फेसबुक धन्य है तू ??????
जो झेल रही हजारों कवियों को,
वरना शहर में कवि का नाम सुनते ही????
सिर पर पैर रख कर भागते हैं लोग।"रैना"

kya


क्या हुआ जो हम कवि सम्मेलन में नही जाते,
हजारों दोस्त फेसबुक पे वाह वाह करते हैं,
कवि सम्मेलनों में गिनती के लोग होते हैं।"रैना"

ghar me baithhi maa

देवियों के दर्शन बार बार करो,
पर घर में बैठी मां से प्यार करो।
हुई जो गल्ती उसे भूल जाओ,
तुम भूल में निरंतर सुधार करो।
तुम मनन करो मनोरंजन नही,
श्रदा का मन से इजहार करो।
अहम से बाहर निकलो खुद को,
अपनी हार को तुम स्वीकार करो।
ये हीरा जीवन फिर न मिले गा,
"रैना" खुद को भव से पार करो।"रैना"
सुप्रभात जी ...............जय जय माँ 

sukhe meri

सूखे मेरी आँखों के कुए,
अब प्याले छलकते नही।"रैना"

शिकवा न करू गा तू मुझे भूल जाना,
मैं भूलने वालों को भी याद रखता हूं,
जो मेरे दुश्मन उन्हें भी माफ़ कर देता,
"रैना" लबों पे अक्सर फ़रियाद रखता हूं।"रैना"

hamlfjo ke

 लफ्जों के मोती चुनते हैं,
गीतों का रुप  सजाने को।"रैना"

dekh liye maine

अपने यार की शान में लिखा सूफी गीत,

देख लिये मैंने तेरे जलवें,
मुखड़ा देखन को तरसे मन,
हटा चिलमन हटा चिलमन,
हटा चिलमन ओ जाने मन।
जाने जिगर ओ जाने मन।
हटा चिलमन .....................
करीब है तू  कोई दूर नही,
न मुश्किल में मजबूर नही,
सुन फरियाद मुझे कर आबाद,
हर पल आये बस तेरी ही याद,
मैं तेरा मुरीद तू मेरा सजन।
हटा चिलमन .....................
खाली तस्वीर में रंग भर दे,
रूह मेरी इश्क से तर कर दे,
कोई हसरत फिर न रहे बाकी,
मैं रिंद हो जाऊ तू बन साकी,
तेरे हवाले सब तुझे अर्पण।
हटा चिलमन ....................."रैना"

रविवार, 12 मई 2013

rishton mejab

रिश्तों में जब से दरार आई,
घर न मेरे फिर से बहार आई,"रैना"
चाहतों की बस्ती फना हुई है,
    

शनिवार, 11 मई 2013

maa ne gle lga jab

मां को समर्पित चंद लाइनें

मां ने गले लगा जब चूमा माथा,
 हर गम की मिली दवा मुझको,
ढूंढ़ता रहा जिसे मन्दिर मस्जिद,
घर में मिल गया वो खुदा मुझको।
ये हुआ मेरी मां की दुआ का असर,
अब छूती नही गरम हवा मुझको।
गुलशन ऐ जिन्दगी महकने लगा है,
रास आ गई है मां की रजा मुझको।
"रैना" सच कहता दिल पे हाथ रख के,
मां की  वजह नसीब फ़िजा मुझको।"रैना" 

murid hu tera

मैं मुरीद तेरा सहारा दे दे,
अब भटक रहा हूं किनारा देदे।
है नही मिरी अब तमन्ना कोई,
तू अजीब सा वो नजारा दे दे।"रैना"
सुप्रभात जी ................जय जय माँ

batoke mahl

दोस्तों आप के दिल की बात मेरे लिए

बातों के महल मत बनाया करो,
जो कहते हो करके दिखाया करो।
दिल में रखी बात जख्म कर देती,
राजे दिल ऐसे  मत छुपाया करो।
बख्शी खुदा ने तुझे दौलते हुस्न,
नाजो नखरें यूं  मत दिखाया करो।
शराब ओ सिगरेट जां की दुश्मन,
इन दोनों को हाथ मत लगाया करो।
मेरी गली में अब तुम आना छोडो,
सपनों में तो रोज रात आया करो।
गम में तेरे मेरा दम न निकल जाये,
पागल"रैना"को यूं मत सताया करो।"रैना"

har lfjo ka akisa

दोस्तों मैं जो भी लिख रहा हूं खुदा कसम
अपना की बदौलत आप का इतना प्यार
 न मिलता मैं कभी शायर न बनता
आप की खिदमत में पेश है ग़ज़ल

 हार लफ्जों का ऐसा बनाया जाये,
हर ख़ुशी के फूलों से सजाया जाये।
जिन्दगी को गम से हो न मतलब कोई,
चेहरे मुरझाये को हंसाया जाये।
हैं नही जिनको कोई फ़िक्र डर उसका,
आइना उनको भी अब दिखाया जाये।
तान कर लम्बी जो सो रहे मुद्दत से,
कर जतन उनको भी तो जगाया जाये।
ये इबादत से तो कम नही है "रैना"
गर किसी गिरते को ही उठाया जाये।"रैना"

hota yhan hai

होती यहां या फिर वहां है,
मत पूछ ये पीड़ा कहां है।
क्या इश्क के नखरें बताये,
दुःख दर्द है उल्फत जहां है।"रैना"

शुक्रवार, 10 मई 2013

tujhedekhe bin

तुझे देखे बिना अब तो सबर होता नही,
मिरे हमदम मिरा तन्हा गुजर होता नही।
सनम रूखसार से तेरे हटा चिलमन अभी,
सिर्फ बातों से ये जीवन बसर होता नही।"रैना"
सुप्रभात जी .................. जय जय माँ
tujhe dekhe bina ab to sabr hota nhi,
mire hamdam mira tanha gujar hota nhi,
sanm rukhsar se tere hta cilman abhi,
sirf baton se ye jiwan basr hota nhi........."raina"
good morning ji ...............

shahar me

दोस्तों आप के नाम एक रचना

हादसें शहर में हो रहे बेसुमार हैं,
दीप भी अब अंधेरें के तलबगार हैं।
पढ़े लिखे मुफलिस अनपढ़ जैसे,
पैसे वाले अनपढ़ भी समझदार हैं।
इसलिए तो दुखी परेशान हैं जनता,
सदन में बैठने वाले कुछ नेता गद्दार हैं।
देखो जमाने में अब बेईमान की चांदी,
इमानदार किसी काम के नही बेकार हैं।
यहां भटकन के सिवा कुछ नही हासिल,
"रैना" अब उससे जोड़ने दिल के तार हैं। "रैना"