दोस्तों आप की सहमती पर लिखी ग़ज़ल
जीवन भर ऐसे ही रोना,
मिलना बिछुड़न ये सब होना।
सारे जख्मों ने भर जाना,
खाली रहता दिल का कोना।
होनी अक्सर हो के रहती,
चलता रहता पाना खोना।
इसकी कैसी चिन्ता करनी,
मरना जलना ये सब होना,
उसका जीवन बेमकसद का,
जिसने लम्बी ताने सोना।
"रैना' उसकी भी सुन ले तू,
वरना तुझको गम है ढोना। "रैना"
जीवन भर ऐसे ही रोना,
मिलना बिछुड़न ये सब होना।
सारे जख्मों ने भर जाना,
खाली रहता दिल का कोना।
होनी अक्सर हो के रहती,
चलता रहता पाना खोना।
इसकी कैसी चिन्ता करनी,
मरना जलना ये सब होना,
उसका जीवन बेमकसद का,
जिसने लम्बी ताने सोना।
"रैना' उसकी भी सुन ले तू,
वरना तुझको गम है ढोना। "रैना"
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