दोस्तों गजल का नया अंदाज शायद आप को पसंद आये।
मौसम ने बदली फितरत,खुद को सम्भाले रखना,
आंखें तो खोले लेकिन,होठों पे ताले रखना।
चाहे मुश्किल ने घेरा,है मन्जिल से भी दुरी,
तू मन मत छोटा करना,उम्मीदें पाले रखना।
छाया है गुप अन्धेरा,जीवन की राहे काली,
तुझको मिल जाये मन्जिल,मन में उजाले रखना।
है दुनिया जैसा जीना,ये जीना भी क्या जीना,
हो तेरी अपनी मस्ती,अन्दाज निराले रखना।
"रैना" बूरे करमों से, तू कर लें तौबा तौबा,
तू साजन के कदमों में, अब डेरा डाले रखना। "रैना"
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