शनिवार, 10 नवंबर 2012

aai diwali

आई दीवाली????
लोग घरों को सजाने लगे,
गंदगी को हटाने लगे।
चार दिन पहले ही,
बेहिसाब दीप जलाने लगे,
ख़ुशी में पटाखें बजाने लगे,
मगर अफ़सोस???
ये दीप पटाखें????
अंधकार न मिटायेगे,
बेहिसाब प्रदूषण ही फैलायेगे।
पटाखें बजाना कोन सा नखरा है,
प्रदूषण जीवन के लिए खतरा है।
इसलिए?????
कुछ ऐसी दीवाली मनाई जाये,
मन के घर से गंदगी हटाई जाये,
पटाखें रहित दीवाली मना कर,
घरती मां की हरियाली बचाई जाये।"रैना"
सुप्रभात जी ..................good morning ji
happy diwali ji...........

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