sufi tadka
शुक्रवार, 2 नवंबर 2012
ab chli
अब चली ऐसी हवा देखो,
यार देते अब दगा देखो।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें