जो मिल जाये नयामत समझे,
जो न मिले गिला न कोई शिकवा,
ये फितरत होती फकीरों की,
मेहनत पे विश्वास करे,
पर कदर करते तकदीरों की।
ये फितरत होती ..............
ख़ुशी में ज्यादा खुश नही,
गम में ज्यादा रोते नही,
हर मुश्किल को सह लेते
विचलित कभी होते नही,
चिन्ता में डूबे नही रहते,
सोच रखते है तदबीरों की।
ये फितरत होती ............
हर काम करते खूबी से,
पर उसकी रजा में रहते है,
किसी का बुरा नही करते,
जज्बातों में अक्सर बहते है,
मस्त मोला खुले दिल वाले,
चाह रखते नही जागीरों की।
ये फितरत होती ..............."रैना"
सुप्रभात जी ........good morning ji
जो न मिले गिला न कोई शिकवा,
ये फितरत होती फकीरों की,
मेहनत पे विश्वास करे,
पर कदर करते तकदीरों की।
ये फितरत होती ..............
ख़ुशी में ज्यादा खुश नही,
गम में ज्यादा रोते नही,
हर मुश्किल को सह लेते
विचलित कभी होते नही,
चिन्ता में डूबे नही रहते,
सोच रखते है तदबीरों की।
ये फितरत होती ............
हर काम करते खूबी से,
पर उसकी रजा में रहते है,
किसी का बुरा नही करते,
जज्बातों में अक्सर बहते है,
मस्त मोला खुले दिल वाले,
चाह रखते नही जागीरों की।
ये फितरत होती ..............."रैना"
सुप्रभात जी ........good morning ji
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