भारत में ये कैसे दौर आ रहे हैं,
पहले फाइलों को चूहें कुतरते थे,
मगर देश में होती अनहोनी देखो
अब फाइलों को भेड़िये खा रहे हैं। राजेन्द्र रैना गुमनाम
चलो ये भ्रम भी मिटा लेते हैं ,
65 वर्षों से अजमा ही रहे हैं,
कोई फिट नही बैठा????
इस बार मोदी को अजमा लेते हैं।
वरना अधूरा ख्याल रह जाये गा,
मोदी को तो रहना ही है,
जनता को भी मलाल रह जाये गा।
बेशक हमें भावनाओं में नही बहना चाहिए,
इसे या उसे मलाल किसी को न रहना चाहिए।राजेन्द्र रैना गुमनाम
पहले फाइलों को चूहें कुतरते थे,
मगर देश में होती अनहोनी देखो
अब फाइलों को भेड़िये खा रहे हैं। राजेन्द्र रैना गुमनाम
चलो ये भ्रम भी मिटा लेते हैं ,
65 वर्षों से अजमा ही रहे हैं,
कोई फिट नही बैठा????
इस बार मोदी को अजमा लेते हैं।
वरना अधूरा ख्याल रह जाये गा,
मोदी को तो रहना ही है,
जनता को भी मलाल रह जाये गा।
बेशक हमें भावनाओं में नही बहना चाहिए,
इसे या उसे मलाल किसी को न रहना चाहिए।राजेन्द्र रैना गुमनाम
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