गुरुवार, 8 अगस्त 2013

roti bhart mata ko

रोती भारत माता को अब चुप कराने वाला कोई नही,
जख्म देने वाले बहुत महरम लगाने वाला कोई नही।
खद्दरदारी मसीहा अब ठेकेदार बन गये भ्रष्टाचार के,
समस्त ही मां को लुटने वाले बचाने वाला कोई नही।
अपनी अपनी  सब को पड़ी न देश की कोई सोच रहा,
देखो गरीबों को हटा रहे गरीबी हटाने वाला कोई नही।
पढ़ लिख कर भी बेरोजगार युवा आत्महत्या कर रहे,
क्योकि बिन पैसे उनको नौकरी दिलाने वाला कोई नही।
बेमौत अब सैनिक मरते उनके परिवार जन बिलख रहे,
बैरी का मुंह तोड़े ऐसी हिम्मत दिखाने वाला कोई नही।
अंग्रेजों के चम्मचें सिर्फ चम्मचागिरी ही पसन्द करते हैं,
भगवान के सिवा अब भारत को बचाने वाला कोई नही। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

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