अल्ला वाहेगुरु ईशा राम राम लिखना,
काश मुझे आ जाये तेरा नाम लिखना।
सीख लिया मैने सब कुछ कुछ न बाकी,
पर आया न अदब दुआ सलाम लिखना।
लिखना ही तो गिजा खुराक है उनकी,
कलम के दीवानों ने तो तमाम लिखना।
बेचारे कुछ ऐसे भी है लिखने वाले यारो,
नेताओं से कहते मेरे नाम इनाम लिखना।
गर मौका मिल जाये उसके बारे लिखने का,
रैना को भटका मुसाफिर गुमनाम लिखना। राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी। ……… जय जय मां
काश मुझे आ जाये तेरा नाम लिखना।
सीख लिया मैने सब कुछ कुछ न बाकी,
पर आया न अदब दुआ सलाम लिखना।
लिखना ही तो गिजा खुराक है उनकी,
कलम के दीवानों ने तो तमाम लिखना।
बेचारे कुछ ऐसे भी है लिखने वाले यारो,
नेताओं से कहते मेरे नाम इनाम लिखना।
गर मौका मिल जाये उसके बारे लिखने का,
रैना को भटका मुसाफिर गुमनाम लिखना। राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी। ……… जय जय मां
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