गुरुवार, 8 अगस्त 2013

अपने लिखने का अन्दाज कुछ ऐसा है,
दिल की बात कहते है कलम के मार्फत। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

कुत्तों के भौकने की परवाह नही करते,
गुजर जाते जिस गली से गुजरना होता। राजेन्द्र रैना "गुमनाम"

बाज आ जा पाकिस्तान????? 
अपनी हरकत से?????
वरना तुझे बुरी तरह तोड़े गे?????
बंगला देश की तरह??????
अलग बलोचिस्तान बना के छोड़े गे। राजेन्द्र रैना गुमनाम"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें