बुधवार, 14 अगस्त 2013

सभी मित्रों को स्वतन्त्रता दिवस की शुभ कामनाएं

मगर आज लाल किले पर प्रधानमन्त्री
द्वारा दिए भाषण से लगता है ?????
भारत की गाड़ी तो दलदल में धसे गी,
जब प्रधानमन्त्री ही रो रहा है,
फिर जनता कैसे हंसे गी। राजेन्द्र रैना गुमनाम "
सुप्रभात जी। ……………जय जय मां 

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