क्या बूढ़ा भी जवान हो सकता है।
क्या खुशहाल हर इन्सां हो सकता है,
तीर मारा है इशारा करके,
हाथ छोड़ा है नकारा करके।
हाल से बेहाल हम है "रैना"
दूर बैठा वो किनारा करके। राजेन्द्र रैना गुमनाम"
क्या खुशहाल हर इन्सां हो सकता है,
तीर मारा है इशारा करके,
हाथ छोड़ा है नकारा करके।
हाल से बेहाल हम है "रैना"
दूर बैठा वो किनारा करके। राजेन्द्र रैना गुमनाम"
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